RULES REGULATIONS
1.इस संस्था में प्रवेश लेने के पश्चात् पूरे तीन वर्ष या 4 वर्ष तक संस्था द्वारा बनाये गये छात्रावास में रहना अनिवार्य रहेगा, किसी भी परिस्थिति में छात्रावास नही छोड़ा जा सकता, क्योकि भारतीय उपचर्या परिषद के नियम की अवहेलना होगी, (किसी भी प्रकार का बहाना जैसे- मेरा भाई बी.ई. करने आ गया ,पापा का ट्रांसफर हो गया आदि) अमान्य रहेगा तब भी छात्रा यां वर्ष या दो वर्ष की फीस देनी होगी तभी प्रवेश मान्य किया जावेगा।
2. प्रवेश के बाद आरक्षित छात्र-छात्राओं के किसी भी दस्तावेज अपूर्ण होने या फर्जी पाये जाने पर (जैसे जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, टी.सी. इत्यादि) स्वमेव प्रवेश निरस्त माना जावेगा। अत: पूरी तरह से दस्तावेज पूर्ण एवं सही होना चाहिये।
3. संस्था की निर्धारित पूरी फीस तय तिथि के अनुसार देय होगी। यदि छात्र - छात्रा तय तिथि से विलंब होता है तो 100 रू. प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी देय होगी यह निर्धारित माह अगस्त अक्टूबर एवं दिसंबर निर्धारित की गई है।
4.संस्था में प्रवेश हो जाने के बाद यदि किसी कारण वश छात्र छात्रा का प्रवेश स्वंय के कारण (जैसे पी.एम.टी. में प्रवेश, डेन्टल में प्रवेश ळवअजए नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश, अभिभावक का जतदेमित)निरस्त होता है तो ऐसी परिस्थिति में पूरे तीन वर्ष या दो वर्ष की मिमे अदा करनी होगी, अन्यथा संस्था का न्याय क्षेत्र उच्च न्यायालय जबलपुर होगा।
5. संस्था में प्रवेश उपरांत कक्षा में उपस्थिति का प्रतिशत् 90: के ऊपर होना चाहिए। अन्यथा प्रवेश स्वमेव निरस्त माना जाएगा। यदि किसी कारणवश उपस्थिति 90: के नीचे है तो सिविल सर्जन मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र के उपरांत ही क्षेत्रीय विश्वविद्यालय में परीक्षा में सम्मिलित होने का पूर्ण अधिकार दिया जायगा। परीक्षा में सम्मिलित होने का पूर्ण अधिकार संस्था के प्रधानाचार्य के पास सुरक्षित रहेगा। विषम से विषम परिस्थितियों में भी नियम का पालन करना अनिवार्य है (विषम परिस्थितियों में भी किसी भी राज्यमंत्री /सांसद/ कैबिनेट मंत्री का पत्र ,दूरभाष अमान्य रहेगा।)
6. छात्रावासी छात्राओं से केवल तय तिथि के अनुसार माता पिता ही मिल सकते है, विषय परिथितियों में स्थानीय अभिभावक शाम 6 बजे के पूर्व मिल सकते है, लेकिन ऐसे में प्रवेश के समय अभिभावक का फोटो होना अनिवार्य रहेगा। मुलाकात के वक्त भी संस्था के प्राधानाचार्य/ उप प्राधानाचार्य का हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। अन्यथा नियम तोड़ने पर 2ए000 से लेकर 20ए000 तक जुर्माना हो सकता है। जिसका न्यायालीन क्षेत्र भ्पही ब्वनतज जबलपुर होगा।
7. सभी छात्र-छात्राओं को संस्था द्वारा बनाए गये निर्धारित समय पर एवं गणवेश में आना अनिवार्य रहेगा। यदि छात्र-छात्रा निर्धारित समय से विंलब होता है तो अभिभावक के प्रमाण पत्र उपरांत ही दूसरे दिन आने की अनुमति दी जावेगी।
8. संस्था के निर्धारित तिथि से क्लीनिकल प्रशिक्षण के दौरान यदि उपस्थिति अचानक जॉच करने पर नही पायी जाती (जैसे- कैन्टीन में पाए जाने पर ,गार्डन में पाए जाने पर यहां वहाँ घूमते पाए जाने पर यदि शिक्षक या शिक्षिका द्वारा पकड़ा गया तो प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। पुन: प्रवेश हेतु 5ए000 तक का जुर्माना देना होगा।
9. संस्था में या संस्था के बाहर किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधियों में यदि छात्र-छात्रा हिस्सेदारी लेता है जैसे चलचित्र जाना, आंदोलन करना, बाजार में अनावश्यक सामान की खरीदारी करना दवा दुकान पर अनावश्यक दवाओं की खरीदारी करते पाए जाने पर प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।
10. संस्था के छात्रावास में किसी भी प्रकार की संपदा को हानि पहुंचाना (हीटर उपयोग,टेबल तोड़ना ,कॉच तोड़ना, स्त्री से संबधित मासिक उपयोग में आने वाले अवशिष्ट पदार्थों का शौचालय में छोड़े जाने) पर प्रवेश निरस्त करने का पूरा अधिकार प्रधानाचार्या के पास सुरक्षित रहेगा।